अर्थशास्त्र Economics Very Important Notes

अर्थशास्त्र Economics 100 Very Important Notes

ध्यान दे : सम्पूर्ण  भारत वर्ष में अर्थशास्त्र Economics का सिलेबस लगभग एक जैसा ही है इसीलिए यह नोटस सभी बोर्ड के विद्यार्थियों के बहुत ही उपयोगी है | हमारे अध्यापको ने बहुत मेहनत से यह तैयार किये है | आप सभी मन लगा कर पढ़े और सफलता प्राप्त करे |

Q. 1 विदेशों से अर्जित शुद्ध साधन आय से आपका क्या तात्पर्य है ? इसके मुख्य घटक बताइए |

उत्तर: एक लेखा वर्ष की अवधि में एक देश के सामान्य निवासी शेष विश्व से साधन आए के रूप में आय अर्जित करते हैं इसी प्रकार गैर सामान्य निवासी भी उस देश में साधन आय अर्जित करते हैं | इन दोनों आय के अंतर को विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय कहते हैं |

NFIA = विदेशों से प्राप्त साधन आय – आय विदेशों को दी गई आय

इसके निम्नलिखित घटक हैं:

1. कर्मचारियों का शुद्ध पारिश्रमिक: एक देश के सामान्य निवासी दूसरे देशों में मजदूरी एवं वेतन, आदि के रूप में आय प्राप्त करते हैं प्राप्त करते हैं इसी प्रकार गैर सामान्य निवासी भी उस देश में इसी प्रकार से आय प्राप्त करते हैं | इन दोनों आयो के अंतर को कर्मचारियों का शुद्ध पारिश्रमिक कहते हैं |

2. शुद्ध प्रचालन अधिशेष : एक देश के सामान्य निवासी अन्य देशों से संपत्ति एवं व्यापार कार्य के रूप में आय अर्जित करते हैं इसी प्रकार गैर सामान्य नागरिक भी उस देश में आय प्राप्त करते हैं इन दोनों का अंतर ही शुद्ध प्रचालन अधिशेष कहलाता है|

3. शुद्ध बचत : एक देश की सामान्य कंपनियां अन्य देशों में अपनी निजी निगमित क्षेत्र की बचतो के रूप में बचत प्राप्त करती हैं इसी प्रकार के गैर सामान्य निवासी कंपनियां भी उस देश में इसी प्रकार के बचते प्राप्त करते हैं इन दोनों प्रकार की बचत के अंतर को शुद्ध बचत कहते हैं |

Q. 2 : मध्यवर्ती वस्तु तथा अंतिम वस्तु में अंतर स्पष्ट करो ?
Ans:

मध्यवर्ती वस्तुएं
अंतिम वस्तुएं:-

1. यह वह वस्तुएं हैं जो अन्य वस्तुओं के निर्माण में सहायक होती हैं|
2. यह वस्तुए उत्पादन परीसीमा के अंदर रहती हैं |
3. इनकी पुनः बिक्री होती है|
4. इनके मूल्य को राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाता |
5. इनका प्रयोग केवल उत्पादक करते हैं |
6. जैसे एक किसान के द्वारा बीज हाथ पानी आदि का प्रयोग

1. यह वह वस्तुएं हैं जो उपभोक्ता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से प्रयोग की जाती है
2. यह वस्तुएं उत्पादन परिसीमा के बाहर रहते हैं|
3. इनकी पुनः बिक्री नहीं होती है
4. उनके मूल्य को राष्ट्रीय आय में शामिल किया जाता है
5 इनका प्रयोग उपभोक्ता तथा उत्पादक दोनों करते हैं
6. जैसे एक विद्यार्थी द्वारा पैन किताब आदि का प्रयोग करना

 

Q 3 . साधन आय तथा हस्तांतरण आय में अंतर बताएं |

Ans:
साधन आय
हस्तांतरण आय :-
1. यह वह आय है जो उत्पादन के साधनों को उत्पादन प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होते हैं |
2. यह दो तरफा होती है |
3. लगान ब्याज लाख द मजदूर इसके मुख्य प्रकार हैं
4. यह उत्पादन के साधनों को प्राप्त होती हैं |
5. इसके फलस्वरूप मूल्य वृद्धि होती है |
6. इसे राष्ट्रीय आय में शामिल किया जाता है |
1. यह अर्थव्यवस्था में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र को बिना किसी कार्य को प्राप्त होती है
2. यह एक पक्षीय होती है
3. इसके मुख्य प्रकार हैं वर्तमान तथा पूंजीगत हस्तांतरण |
4. यह परिवारों उद्यमों तथा सरकार को एक दूसरे से प्राप्त होती है |
5. इसके फलस्वरूप मूल्य वृद्धि नहीं होती |
6. इसे राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाता है

Q. 4. उत्पाद विधि से राष्ट्रीय आय की गणना करते समय किन सावधानियों को ध्यान रखना चाहिए ?

1. दोहरी गणना : मूल्य समवृद्धि ज्ञात करने के लिए उत्पादन के मूल्य में से मध्यवर्ती लागत घटा देते है| यदि हम सभी उत्पादन इकाइयों के उत्पादन के मूल्य को जोड़ेंगे तो एक उत्पादक द्वारा किया गया उत्पादन एक से अधिक बार और जुड़ जाएगा | इसलिए प्रत्येक उत्पादन इकाई द्वारा की गई मूल्य समृद्धि ही जोड़ी जाती है या केवल अंतिम उत्पादों के मूल्य की गणना करी जाती है |

2. पुराने माल की बिक्री: किसी भी वस्तु का जब उत्पादन होता है तो उसे उसी वर्ष की राष्ट्रीय आय की गणना में शामिल कर लिया जाता है | प्रयोग करने के बाद दोबारा बेचना उत्पादन क्रिया में नहीं आती | लेकिन पुराना माल बेचने से प्राप्त कमिशन को राष्ट्रीय आय में शामिल किया जाता है |

3. मध्यवर्ती वस्तु के मूल्य को मूल्यवृद्धि में शामिल नहीं किया जाना चाहिए |
4. खुद उपभोग सेवाओं का मूल्य वृद्धि में शामिल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इनसे सेवाओं के प्रवाह में योगदान नहीं मिलता |

5. स्वयं उपभोग के लिए उत्पादन का आरोपित मूल्य वृद्धि में शामिल किया जाना चाहिए |

Q. 5 अर्थशास्त्र को परिभाषित करते हुए अर्थशास्त्र की धन संबंधी, कल्याण संबंधी तथा सीमितता संबंधी परिभाषाएं लिखिए :

A) धन संबंधी परिभाषा: अर्थशास्त्र धन का विज्ञान है| एडम स्मिथ ने स्टेशन 1776 में अपनी पुस्तक वेल्थ ऑफ नेशंस मैं यह बात लिखी |

B) कल्याण संबंधी परिभाषा: अर्थशास्त्र में धन संबंधी क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है किंतु दूसरी ओर जो कि अधिक महत्वपूर्ण हैं यह मनुष्य के अध्ययन का एक भाग है| अलफ्रेड मार्शल 1890

c) सीमितता संबंधी परिभाषा : अर्थशास्त्र में सीमित आवश्यकता तथा सीमित संसाधनों के बीच संबंध का अध्ययन किया जाता है| संसाधनों का वैकल्पिक प्रयोग संभव है | रॉबिंसन 1932.

 

Q 6 : अर्थव्यवस्था की मुख्य आर्थिक क्रियाओं को बताइए :

ANS : अर्थव्यवस्था की मुख्य आर्थिक क्रिया निम्नलिखित
उत्पादन- मार्शल ने कहा की उपयोगिता का सृजन करना ही उत्पादन है
उपभोग- आय का वह भाग जिसे संतुष्टि प्राप्त करने के लिए खर्च किया जाता है उपभोग कहलाता है|
निवेश- वह आय जिसे पूंजी निर्माण और अधिक धन कमाने में खर्च किया जाता है निवेश कहलाता है |
वितरण- उत्पादन को उत्पत्ति के चारों साधनों में बांटना वितरण कहलाता है |

 

 

Q7 : एक देश की घरेलू सीमाओं को समझाइए |
एक देश की घरेलू सीमा में उस देश की राजनीतिक सीमा में स्थित भूमि क्षेत्र के साथ साथ निम्नलिखित को शामिल किया जाता है:

Ans:
i ) घरेलू विमानों के आकाश में उड़ने की सीमा
ii) विदेशों में स्थित सैनिक प्रतिष्ठान तथा दूतावास
iii) तेल तथा गैस निकालने वाले प्लेटफार्म के तैरने की सीमा
iv) मछुआरों के मछली पकड़ने की सीमा

 

 

Q8: सामान्य निवासी की अवधारणा से आप क्या समझते हैं ?
Ans : सामान्य निवासी से अभिप्राय व्यक्ति से है जो किसी देश में कम से कम 1 वर्ष की अवधि के लिए निवास करता है तथा उसके आर्थिक देश से जुड़े हुए होते हैं | इसमें नागरिक तथा गैर नागरिक दोनों को शामिल किया जाता है|
1 वर्ष की अवधि का नियम दूतावास के सदस्य पर्यटन तथा शिक्षा प्राप्ति आदि के लिए जाने वाले लोगों पर लागू नहीं होता है |

 

Q9: विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय से आप क्या समझते हैं ?
Ans : एक देश के सामान्य निवासियों द्वारा शेष विश्व में अर्जित साधन आय शेष विश्व के सामान्य निवासियों द्वारा उस देश में अर्जित साधन आय का अंतर विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA ) कहलाता है |

NFIA : विदेशों से प्राप्त साधन आय – विदेशों को प्राप्त साधन आय
यदि विदेशों से प्राप्त साधन आय विदेशों को जाने वाले साधन आय से अधिक होती है तो NFIA धनात्मक होता है |

Q 10 : निम्नलिखित को समझाइए |
A )सकल उत्पादन का मूल्य B) मध्यवर्ती उपभोग c) मूल्यह्रास/ घिसावट व्यय या स्थाई पूंजी का उपयोग

सकल उत्पादन का मूल्य: एक लेखा वर्ष में एक देश की घरेलू सीमा में उत्पादित के सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य के योग को सकल उत्पादन का मूल्य कहते हैं | इसे ज्ञात करने के लिए बिक्री में स्टॉप में परिवर्तन को जोड़ दिया जाता है |
सकल उत्पादन का मूल्य= बिक्री + स्टॉक में परिवर्तन या

B) मध्यवर्ती उपभोग : एक उत्पादक वस्तु के उत्पादन के लिए अनेक वस्तुओं और सेवाओं को उपयोग करता है | इन वस्तुओं को मध्यवर्ती वस्तु कहा जाता है तथा इन वस्तुओं और सेवाओं पर किए गए खर्च को मध्यवर्ती उपभोग कहा जाता है | मूल्य वृद्धि ज्ञात करने के लिए सकल उत्पादन के मूल्य में से मध्यवर्ती उपभोग व्यय को घटा दिया जाता है |

c) मूल्यह्रास/ घिसावट व्यय या स्थाई पूंजी का उपयोग: उत्पादन प्रक्रिया में स्थिर पूंजी जैसे मशीन तथा इमारत आदि का लगातार उपयोग किए जाने से यह घिस जाती हैं या टूट-फूट हो जाती है| इससे इन के मूल्य में कमी आ जाती है इसे मूल्यह्रास या घिसावट व्यय कहते है | प्रत्येक उत्पादक इनका प्रतिस्थापन नई पूंजीगत वस्तुओं से करने के लिए एक कोष की स्थापना करता है यह घिसावट कोष कहते है |

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