इतिहास के most Important 50 questions

12th Importannt questions

12th History Most Important Questions and Answer

प्रश्न 1 मुगल सम्राट की दरबारी प्रकिया सम्राट के स्तर तथा शक्ति को किस प्रकार प्रदर्शित करती है ?
विश्लेषण कीजिए |
उतर – (1) राज सिंहासन सम्राट के उच्च स्तर को दशार्ता था |
(2) छतरी मुगल राजतन्त्र का प्रतीक थी |
(3) दरबार में सभी दरबारियों का स्थान निशिचत था जो उसके दर्जे को दशार्ता था | दरबार में राजा ले
बैठे जाने ले बाद कोई भी दरबारी अपना स्थान नही बदल सकता था और न ही बादशाह कि अनुमति के बिना बाहर जा सकता था |
(4) दरबारी समाज पर नियत्रण के लिए अभिवादन, भ्रष्टाचार तथा बोलने के विशेष नियम थे |
(5) राजनीतिक दूतो से भी उचित अभिवादन कि अपेक्षा कि जाती थी |
(6) विशेष अवसरों पर सम्राट द्वारा कि गई सज्जा – धज्जा तथा व्यय कि गई अपार धनराशि सम्राट कि शक्ति, सता तथा प्रतिष्ठा करती थी |

प्रश्न 2 मुगलकाल के अध्धयन के स्त्रोत के रूप में ‘आइन-ए-अकबरी के किन्ही तीन सशक्त तथा दो
कमजोर पहलुओं की विवेचना कीजिए |
उतर – सशक्त पहलू –
(1) आइन मुगल साम्राज्य के गठन और संरचना कि मंत्रमुग्ध करने वाली झलकिया दिखती है |
(2) इसमें भारत के लोगो तथा मुग़ल साम्राज्य के बारे में विस्तृत सुचनाए दर्ज है |
(3) आइन में दिए गए कृषि से संबंधित सख्यीकीय सुचनाए बहुत महत्वपूर्ण है |
(4) आइन द्वारा दी गई सुचनाए मुगलकालीन इतिहास कि रचना करने वाले इतिहासकारी के लिए बहुमूल्य है |
कमजोर पहलू अथवा सीमाए –
(1) जोड़ करने में कई त्रुटिया रह गई है |
(2) सभी सूबों के आकडे समान रूप से एकत्रित नही किये जा सके |

प्रश्न 3:  19वी शताब्दी के उतराधृ में पहाड़ियो कि जीवन शैली का वर्णन कीजिए |
उतर – पहाड़ी लोग राजमहल के पड़ोसी प्रदेश में रहते थे | वै अपनी झोपड़िया इमली के पेड़ो ले बीच बनाते थे | उनकी जीवन शैली के मुख्य पहलू निम्नलिखित थे –
(1) वे अपना निर्वाह जगल के उत्पादों से करते थे और झूम खेती किया करते थे |
(2) वे जंगल के छोटे – छोटे भूखंड साफ करके तरह – तरह कि दाले और ज्वार – बाजरा उगाते थे |
(3) वे अपने कुदाल से जमीन को थोडा खुरच लेते जमीन पर वै कुछ वर्षो के लिए खेती करते थे और फिर उसे परती छोड़ कर किसी नए प्रदेश में चले जाते थे |
(4) वे जंगलो से भोजन के लिए महुआ के अतिरिक्त रेशम तथा कोया एकत्रित करते थे |
(5) वै लकडिया इकट्ठी करके काठ कोयला बनाते थे

प्रश्न 4 “अफवाहे तभी फैलती है जब वै लोगो में संदेह तथा गहरा भय उत्पन्न करे |” 1875 के विद्रोह के संदभर में यह कथन तक सत्य था ?
उतर – संकेत : वास्तव में ही अफवाह तभी फैलती है जब लोगो के जहन में गहरे दबे डर और संदेह कि अनुगूँज सुनाई देती है | ब्रिटिश नीतियो ने भी गहरे डर को जगाया | इसलिए अफवाहे तेजी से फैली | इन अफवाहों के पीछे नीचे दी गई नीतियों का हाथ था –
(1) लार्ड विलियम बैंटिक के नेर्तत्व में ब्रिटिश सरकार पशिचमी शिक्षा, पशिचमी विचारो और पशिचमी संस्थानों के द्वारा भारतीय समाज को “सुधारने” के लिए विशेष नीतिया लागू कर रही थी |
(2) भारतीय समाज के कुछ वर्गो की सहायता से उन्होंने अंग्रजी माध्यम के स्कूल, कालेज और विश्वविघालय स्थापित किए थे |
(3) अंग्रेजी ने सती प्रथा को समाप्त करने (1829) और हिन्दू विधवा विवाह को वैधता देने के लिए कानून बनाएं |
(4) ईसाई मिशनरियों ने भारत में जोर – शोर से ईसाई धर्म का प्रचार किया |
(5) गोद लिए पुत्र को अपना उतराधिकारी बनाने को मान्यता नही दी गई |
(6) कारतूसो पर गाय या सूअर कि चर्बी लगे होना | इन कारतूसो को प्रयोग से पहले दांतों से काटना पड़ता था |

प्रश्न 5 भारतीय राजनीति पर केबिनेट मिशन के सुझावों कि आलोचनात्मक विवेचना कीजिए |
उतर – सुझाव – केबिनेट मिशन (1946) के मुख्य सुझाव निम्नलिखित है –
(1) भारत को एक संघ मान लिया जाएगा | इसमें भारत के सभी प्रांत और देशी रियासते समिमलित होगी |
(2) संघ कि एक अपनी कार्यपालिका तथा व्यवस्थापिका होगी, जिसमे प्रातो और रियासतों के प्रतिनिध होगे |
(3) देशी रियासतों के पास वे विषय रहेगे जो संघ को नही दिए जाएँगे |
(4) प्रांतो को परस्पर ग्रुप बनाने का अधिकार होगा ताकि वे सामूहिक विषयों को निशिचत कर सके |
(5) भारत का सविधान बनाने के लिए सविधान सभा बनाई जाएगी | सविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 होगी और इसका बंटवारा प्रांतो में उनकी जनसंख्या के आधार पर होगी |
(6) अल्पसंख्यको को उनकी जनसंख्या के अनुपात से अधिक स्थान नही दिए जाएगे |
(7) नवीन संविधान बनाने तक भारत में एक अंतरिम सरकार स्थापित कि जाएगी |
आलोचना – आरंभ में सभी दलों ने इन सुझावों को मान लिया था | पंरतु बाद में वै इनकी अलग – अलग ढग से व्याख्या करने लगे | मुस्लिम लीग कि मांग थी संघ का निर्माण अनिवार्य हो और भविष्य में संघ से अलग होने का अधिकार होना चाहिए | कांग्रेस चाहती थी प्रांतो को अपनी इच्छा का ग्रुप चुनने का अधिकार हो |
इस प्रकार केबिनेट मिशन के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया जिसने भारत – विभाजन कि भूमिका तैयार कि |



प्रश्न 6 विजयनगर कि किलेबंदी तथा सडके किस प्रकार अदितीय तथा प्रभावशाली थी वर्णन कीजिए |
उतर – किलेंबंदी विजयनगर शहर की एक बहुत ही महत्वपूर्ण विशेषता थी जिसे दीवारों से घेरा गया था | 15वी शताब्दी में फरास से कालीकट (कोजीकोड) आये दूत अब्दुर रज्जाक को यहा की किलेबंदी ने बहुत प्रभावित किया था | उसने दुर्गो कि सात पक्तियों का उल्लेख किया है | इनके द्वारा न केवल शहर कि बल्कि आसपास के कृषि क्षेत्र तथा जंगलो को भी घेरा गया था |
(1) सबसे बाहरी दीवार शहर के चारो ओर बनी पहाडियों को आपस में जोडती थी | इसमे गारे या जोड़ने के लिए किसी भी अन्य वस्तु का प्रयोग नही किया गया था | पत्थर के टुकड़े फन्नी जैसे थे, जिसके कारण वे अपने स्थान पर टिके रहते थे | दीवारों के अंदर का भाग मिट्टी तथा मलबे के मिश्रण से बना हुआ था | वर्गाकार तथा आयताकार बुर्ज बाहर कि ओर निकले हुए थे |शहर कि किलेबंदी कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि इससे खेतो को भी घेरा गया था | अब्दुर रज्जाक लिखता है,”पहली, दूसरी और तीसरी दीवारों के बीच जुते हुए खेत, बगीचे तथा आवास है |”इसी प्रकार पेस कहता है,”इस पहली, परिधि में शहर में प्रवेश करने तक कि दूरी बहुत अधिक है, जिसमे खेत है जहा वै धान उगाते है, कई उघान है और बहुत-सा-जल है जो दो झीलों से लाया जाता है | “इन कथनों कि आज के पुरातत्वविदों द्वारा भी पुष्टि कि गई है | उन्होंने धार्मिक केंद्र तथा नगरीय केंद्र के बीच एक कृषि क्षेत्र के साक्ष्य खोज निकाले है | इस क्षेत्र को एक व्यापक नहर प्रणाली द्वारा सीचा जाता था, जिसमे तुंगभद्रा से जल लाया जाता था |
(2) दूसरी किलेबदी नगरीय केंद्र के आंतिरक भाग के चारो ओर बनी हुई थी, और तीसरी से शासकीय केंद्र घेरा गया था, जिसमे महत्वूर्ण इमारतो के प्रत्येक समूह कि घेराबंदी उनकी ऊंची दीवारों से कि गई थी |
दुर्ग में प्रवेश के लिए पूरी तरफ से सुरक्षित प्रवेश द्वार बने हुए थे जो शहर को मुख्य सडको से जोड़ते थे | प्रवेश द्वार स्थापत्य के विशिष्ट नमूने थे |
किलेबंद बस्ती में जाने वाले प्रवेश द्वार पर बनी मेहराब और द्वारा के ऊपर बनी गुंबद संभवत: तुर्की सुल्तानों कि स्थापत्य कला के नमूने थे | कला-इतहासकार इस शैली को इंडो-इस्लामिक (हिद-इस्लामी) शैली कहते है, क्योकि इसका विकास विभिन्न क्षेत्रो स्थानीय स्थापत्य कला के साथ संपर्क में हुआ था |
सडके प्राय:पहाड़ी भू-भाग से हटकर घाटियों से होकर ही इधर-उधर घूसती थी | सबसे महत्वपूर्ण सडको में से कुछ मंदिर के प्रवेश द्वारो से आगे कि ओर बढ़ी हुई थी | इनके दोनों ओर बाजार थे |

प्रश्न 7 महत्मा गाँधी के आगमन ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के आधार को किस प्रकार व्यापक बनाया ? व्याख्या कीजिए |
उतर – संकेत – महत्मा गाँधी ने निम्नलिखित तरीको से भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के आधार को व्यापक बनाया-
1. महत्मा गाँधी के नेर्तत्व में राष्ट्रीय आंदोलन केवल व्यावसायिको तथा बुद्धिजीवियो का ही आंदोलन नही रह गया था | अब इसमें हजारो कि संखया में किसान, श्रमिक तथा कारीगर भी भाग लेने लगे थे |
2. गाँधी जी ने सामान्य लोगो जैसा जीवन अपनाया | उन्होंने गरीब मजदूरों तथा किसानो जैसे वस्त्र पहने | उनका रहन—सहन भी उन्ही के जैसा था | वह सभी कष्टहींन व्यक्तिओ का कष्ट दूर करने का प्रयास किया |
3. उन्होंने स्वयं चरखा चलाया ओर दूसरो को चरखा चलाने के लिए प्रेरित किया |
4. गाँधी जी की फैली अफवाह ने उनकी लोकप्रियता को घर-घर तक पहुंचा दिया | अत: बड़ी ही संख्या में लोग राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ गए |
5. उनके नेर्तत्व में देश के विभिन्न भागो में कांग्रेस की नई शाखाए खुली | रजवाडो में राष्ट्रवादी सिद्धान्त को बढ़ावा देने के लिए प्रजामंडलो की स्थापना कि गई |
6. गाँधी जी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता पर बल दिया | जिससे राष्ट्रीय आंदोलन को मजबूती मिल सके |
7. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्वंत्रता प्राप्ति क्र लिए त्रुटिपूर्ण समाज का होना अनिवार्य है |

प्रश्न 8 पुरातत्वविद खोजो का वर्गीकरण कोन-कोन से दो तरीको से करते है ? वै इनके कार्य का निर्धारण किस तरीके से करते है ?
उतर – पुरातत्वविद खोजो का वर्गीकरण प्रयुक्त में लाए पदर्थो; जैसे – मिट्टी,पत्थर, धातु आदि के आधार पर तथा पुरा वस्तु कि उपयोगिता के आधार पर करते है | वै इनके कार्य का निर्धारण आजकल कि मिलती-जुलती वस्तुओं से इनकी तुलना करके करते है |

प्रश्न 9 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
प्रश्न 1 वैदिक काल में राजाओ द्वारा किये जाने वाले दो यज्ञो के नाम बताओ |
उतर – राजसूय तथा अश्वमेध यज्ञ |

प्रश्न 2 विजयनगर राज्य के पतन के कोई दो कारण लिखिए |
उतर- (1) विजयनगर राज्य में शासन प्राप्ति के लिए ग्रह युद्ध चलते रहते थे इन युद्धों ने राज्य कि शक्ति को कमजोर कर दिया |
(2) 1565 ई० में तालीकोटा के युद्ध मे विजयनगर की सेनाए बुरी तरह पराजित हुई | विजयी सेनाओ ने विजयनगर शहर में खूब लूटमार कि | अत: कुछ वर्षो में यह शहर पूरी तरह उजड़ गया |

प्रश्न 3 भारत में 16वी तथा 17वी शताब्दियो के दोरान ग्राम पंचायतो के किन्ही दो कार्यो का उल्लेख कीजिए |
उतर – 16वी तथा 17वी शताब्दियो के दोरान पंचायतो के मुख्य कार्य निम्नलिखित थे-
(1) यह सुनिशिचत करना कि गाँव में रहने वाले अलग-अलग समुदायों के लोग अपनी जाति की सीमओं में रहे |
(2) ऐसे सामुदायिक कार्य करना जिन्हें किसान स्वय नही कर सकते थे, जैसे- मिट्टी के छोटे-मोटे बाँध बनाना या नहर खुदवाना |

प्रश्न 4 ब्रिटिश शासन के अधीन जमीदार राजस्व चुकाने में क्यों असफल रहते थे ? कोई दो कारण बताइए |
उतर – (1) राजस्व मांग बहुत ऊंची थी | कृषि-उपज कि किमते नीची होने के कारण किसान जमीदार को उनकी देश राशिया नही चुका पाते थे | ऐसे जमीदार कम्पनी को राजस्व कैसे चुका पते ?
(2) राजस्व असमान था | फसल अच्छी हो या खराब, जमीदार के लिए राजस्व का समय पर भुगतान करना जरूरी था |

प्रश्न 5 आत्मकथाओ के अध्ययन में इतिहासकारों को पेश आने वाली किन्ही दो समस्याओ का वर्णन कीजिए |
उतर – (1) आत्मकथाए लेखक अपनी स्मृति के आधार पर लिखता है | वह जो बाते भूल चुका होता है, उन्हें अनदेखा कर जाता है |
(2) आत्मकथा का लेखक प्राय: लोगो के सामने अपनी छवि को स्व्च्छ दिखने का प्रयास करता है | उसकी त्रुटिया इतिहासकारो से छिपी रह जाती है |

प्रश्न 10 उन कारको की व्याख्या कीजिए जिन्होंने छठी शताब्दी ई० पू० में मगध को सबसे अधिक शक्तिशाली महाजन पद बनने में सहायता पहुचाई ?
उतर – आधुनिक इतिहासकरो के अनुसार मगध को सबसे शक्तिशाली बनाने वाले मुख्य कारक निम्नलिखित थे-
(1) मगध का प्रदेश बहुत ही उपजाऊ था |
(2) मगध क्षेत्र में लोहे के खदान थे जिसका प्रयोग हथियार बनाने में किया जाता था |
(3) मगध कि राजधानी राजग्रह (राजगाह)किलेबंद तथा सुरक्षित थी |
(4) जंगलो में हाथी मिलते थे जो सेना के लिए महत्वपूर्ण थे |
(5) मगध की दूसरी राजधानी पाटलिपुत्र कि गंगा के माध्यम से आवगमन के मार्ग पर महत्वपूर्ण स्थिति थी |
(6) बिंबिसार तथा अजातशत्रु जैसे महत्वाकाक्षी शासको ने मगध के विस्तार में सहायता पहुंचाई |



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