कुत्ते की सूंघने की क्षमता अधिक क्यों होती है ?

कुत्ता एक ऐसा जीव है जिसकी नजर काफी कमजोर होती है| वह चीजों को सही ढंग से नही देख पाता और ज्यादा दूर की चीजे तो बिल्कुल नहीं देख पाता| उसे भूरे रंग की छाया ही साफ दिखाई देती है| वह सिर्फ भूरे रंग को ही सही ढंग से देख पाता है |

अपनी इस कमी को वह अपनी तेज सूंघने की शक्ति से पूरा कर लेता है| कुत्ते को अगर कोई एक चीज सूंघने को दी जाये तो वह उस गंध को भूलता नहीं है, आसानी से पहचान लेता है|

यही कारन है की कुत्तो को विशेष प्रशिक्षण देकर इनका उपयोग विस्फोटक और नशीले पदार्थ को पकड़ने में और अपराधियो की तलाश के लिए किया जाता है|

कुत्तो के नाक के दोनों छिद्रों में एक एसी जगह होती है जहा बहुत संख्या में गंध सवेंदनशील कोशिकाए होती है| इन कोशिकाओ को किमोरिसेप्टर कहते है| ये बालो जेसे दीखते है और ये बाल हमेशा म्यूक्स नामक तरल पदार्थ से गिले रहते है ये नाडियो के जरिये दिमाग से जुडी होती है| दिमाग के इस भाग को आल्फक्ट्री बल्ब कहते है, यह भाग जितना बड़ा होता है कुत्ते की सूंघने की शक्ति भी उतनी अधिक होती है|

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