हीरा कठोर क्यों होता है ?

हीरा मंहगा क्यों होता है ? हीरा कठोर क्यों होता है ? हीरे की विशेषता क्या है ? हीरा एक ऐसा पारदर्शी रत्न है जो की कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा के अन्दर प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ सह-संयोजी बन्ध द्वारा जुड़ा रहता है।

हीरा ऊष्मा तथा विद्युत का कुचालक  क्यों होता है ?

हीरा ऊष्मा तथा विद्युत का कुचालक  होता है क्योंकि  कार्बन परमाणुओं के बाहरी कक्ष में उपस्थित सभी चारों इलेक्ट्रान सह-संयोजी बन्ध में भाग ले लेते हैं तथा एक भी इलेक्ट्रान संवतंत्र नहीं होता है। पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी पदार्थो में हीरा सबसे ज्यादा मजबूत और कठोर होता है इसलिए बहुत कठोर चट्टानों को काटने के लिए लोह के बजाये हीरे की आरी का प्रयोग किया जाता है |

हीरे की विशेषताए :

हीरे केवल सफ़ेद ही नहीं होते बल्कि यह विभिन्न रंगों जैसे नीला, लाल, संतरा, पीला, हरा व काले रंगों में भी मिलते है और हरा हीरा सबसे दुर्लभ माना गया है । हीरे की एक विशेषता और है की यदि ओवन में ७६३ डिग्री सेल्सियस पर गरम किया जाये, तो यह जलकर कार्बन डाइ-आक्साइड बना लेता है तथा बिल्कूल ही राख नहीं बचती है इससे यह प्रमाणित होता है कि हीरा कार्बन का शुद्ध रूप है।

आगे कुछ हीरो के नाम है जो या तो चोरी हो गए या लूट लिए गए :-     ग्रेट मुगल ,
ओरलोव
द रिजेंट
ब्रोलिटी ऑफ इंडिया
अहमदाबाद डायमंड
द ब्लू होप     आगरा डायमंड     द नेपाल

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