चाणक्य की स्त्री नीति

चाणक्य की स्त्री नीति

आचार्य चाणक्य ने स्त्रियों के प्रति बहुत सारी सारगर्भित नीतिगत बाते कही है | 1 . इन 5 पर कभी विश्वास ना करें :  नदियां,  जिन व्यक्तियों के पास अश्त्र-शस्त्र हों,  नाख़ून और सींग वाले पशु,  औरतें (यहाँ ऐसी औरतो को संकेत किया गया है जो झूठे आरोप लगा कर लोगो को लूट लेती है )  राज घरानो के लोगो पर।   2 . अगर हो सके तो विष मे से भी अमृत निकाल लें,…

Share this
Read More

आचार्य चाणक्य का परिचय

आचार्य चाणक्य का परिचय

संसार के महान गुरु आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक आचार्य चाणक्य को कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी सदियों तक याद रखा जायेगा | “वसुधेव कुटुम्बकम ” यह आचार्य चाणक्य का गहन ध्यान का केंद्र था इसीलिए इतनी सदियाँ गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के द्वारा बताए…

Share this
Read More

चाणक्य नीति

चाणक्य नीति

1 ). षड् दोषाः पुरुषेणेह हातव्या भूतिमिच्छता | निद्रा तन्द्रा भयं क्रोधः आलस्यं दीर्घसूत्रता || भावार्थ – ऐश्वर्य और उन्नति की कामना करने वाले व्यक्तियों को नींद , तन्द्रा (ऊंघना), भय , क्रोध, आलस्य , तथा दीर्घसूत्रता (शीघ्र हो जाने वाले कार्यों में भी अधिक देरी लगाने की आदत) – इन छः दुर्गुणों को त्याग देना चाहिये |   2 ). सुश्रान्तोऽपि वहेद् भारं शीतोष्णं न पश्यति। सन्तुष्टश्चरतो नित्यं त्रीणि शिक्षेच्च गर्दभात्।। विद्वान व्यक्ति को…

Share this
Read More