Economics Important Notes Part-2

Q 11 : राष्ट्रीय उत्पाद या राष्ट्रीय आय किसे कहते हैं ?
Ans : एके लेखा वर्ष में एक देश की घरेलू सीमा के अंतर्गत उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य तथा विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय के योग को राष्ट्रीय उत्पाद या राष्ट्रीय आय कहते हैं यह एक जैसे सामान्य निवासियों द्वारा एक लेखा वर्ष में अर्जित आय के योग के बराबर होता है |

राष्ट्रीय उत्पाद/आय = शुद्ध घरेलू उत्पाद/आय + विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA)

 

Q 12 : मूल्य वृद्धि से आप क्या समझते हैं इसे किस प्रकार ज्ञात किया जाता है ?
Ans : उत्पादन की प्रत्येक अवस्था में उपयोगिता का सृजन करने के लिए वस्तुओं के मूल्य में जो वृद्धि की जाती है उसे मूल्यवृद्धि कहते हैं | सकल मूल्य वृद्धि ज्ञात करने के लिए सकल उत्पादन के मूल्य में से मध्यवर्ती उपभोग व्यय ( जैसे इंधन, बिजली तथा कच्चे माल आदि पर किया गया खर्च) को घटा दिया जाता है तथा शुद्ध मूल्य वृद्धि ज्ञात करने के लिए इसमें से मूल्यह्रास को हटा दिया जाता है |

साधन लागत पर शुद्ध मूल्य वृद्धि =
सकल उत्पादन का मूल्य – मध्यवर्ती उपयोग व्यय – मूल्यह्रास – शुद्ध अप्रत्यक्ष कर

Q 13 : राष्ट्रीय प्रयोज्य आय से क्या तात्पर्य है? इसको कैसे ज्ञात किया जाता है ?
Ans : राष्ट्रीय प्रयोज्य आय एक देश के लोगों के पास एक लेखा वर्ष में खर्च करने के लिए उपलब्ध होती है| दूसरे शब्दों में है यह वह आय होती है जो देश के लोगों को एक लेखा वर्ष में सभी स्त्रोतों से प्राप्त होती है | अर्थात इसमें साधन आय के साथ हस्तांतरण आय को भी शामिल किया जाता है | इसका या तो व्यय होता है या बचत होती है और इसे सदा बाजार कीमत पर ज्ञात किया जाता है |

राष्ट्रीय प्रयोज्य आय = राष्ट्रीय आय + विदेशों से शुद्ध चालू हस्तांतरण + शुद्ध अप्रत्यक्ष कर

Q 14 : प्रचालन अधिशेष से आप क्या समझते हैं ?
Ans : उद्धम वृति तथा संपत्ति से प्राप्त आय के योग को प्रचालन अधिशेष कहते हैं | इसमें लाभ, किराया, ब्याज तथा रॉयल्टी को शामिल किया जाता है |

प्रचालन अधिशेष= लाभ (अवितरित लाभ + लाभांश + निगम कर) + ब्याज+ किराया+ रॉयल्टी

यह बड़ी फर्मो या कंपनियों की आय होती है जिनमें खर्च संबंधित सभी प्रकार के विवरण लिखित रूप में उपलब्ध होते हैं |

Q15: प्रचालन अधिशेष के कौन कौन से संघटको होते है ?
Ans :
1) लाभ : यह जोखिम उठाने का फल है इसके 3 भाग हैं :
अवितरित लाभ – लाभ का वह हिस्सा जिसे कंपनी भविष्य के लिए अपने पास रखती है|
लाभांश- लाभ का ऐसा हिस्सा जिसे अंश धारियों में बांट दिया जाता है |
निगम कर: लाभ का वह हिस्सा जिसका भुगतान सरकार को कर यानी टैक्स के रूप में क्या जाता है |

2) ब्याज: ब्याज पूंजी का प्रतिफल है कीन्स के अनुसार ब्याज तरलता के परित्याग का पुरस्कार है|

3) किराया: भूमि, मकान, दुकान, गोदाम के प्रयोग के बदले उनके मालिकों को प्राप्त होने वाला पुरस्कार किराया कहलाता है|

4) रॉयल्टी: विशेष प्रकार के अधिकारों जैसे पेटेंट, कॉपीराइट आदि के प्रयोग के बदले में जो पुरस्कार प्राप्त होता है उसे रॉयल्टी कहते हैं |

 

Q16 : स्वनियोजितो की मिश्रित आय से आप क्या समझते हैं ?
Ans : लोगों द्वारा व्यक्तिगत स्तर या पारिवारिक स्तर पर किए जाने वाले छोटे-मोटे कार्य से प्राप्त आय तथा किराया एवं ब्याज आदि के रूप में प्राप्त आय के योग को स्वनियोजितो की मिश्रित आय कहते हैं |
इसके लिखित रूप में आंकड़े उपलब्ध नहीं होते इसलिए इसकी गणना अनुमान के आधार पर की जाती है | इसमें मजदूरी, आय, किराया, ब्याज, तथा लाभ को शामिल किया जाता है जैसे रिक्शावाला, दर्जियों आदि की आय |

 

 

Q 17: हस्तांतरण भुगतान से आप क्या समझते हैं ? इसके कितने प्रकार हैं ?
Ans: यह एक पक्षी भुगतान होते हैं जिनके बदले में कोई उत्पादन नहीं होता है |
हस्तांतरण के प्रकार :
i ) अनिवार्य हस्तांतरण: यह हस्तांतरण अनिवार्य प्रकृति के होते हैं सामान्यतः उनके देने के लिए कानूनी बाध्यता होती है जैसे विभिन्न प्रकार के टैक्स विक्रीकर आयकर इत्यादि |

ii) ऐच्छिक हस्तांतरण : इन हस्तांतरण का देना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है जैसे सामाजिक संस्थाओं को दिया जाने वाला दान, पिता द्वारा पुत्र को जेब खर्च देना इत्यादि |

iii) पूंजीगत हस्तांतरण: जब एक देश दूसरे देश को सकल घरेलू पूंजी निर्माण के लिए हस्तांतरण देता है तो उसे पूंजीगत हस्तांतरण कहते हैं जैसे यातायात शिक्षा आदि के विकास के लिए दिया गया हस्तांतरण |

iv) चालू या प्रचलित हस्तांतरण: जब हस्तांतरण चालू वित्त वर्ष में खर्च करना अनिवार्य होता है तो इसे चालू या प्रचलित हस्तांतरण कहते हैं | जैसे बाडिया भूकंप पीड़ितों को दी गई आर्थिक सहायता |

v) सरकार से हस्तांतरण : जब एक देश की सरकार जनता को कल्याण के उद्देश्य से हस्तांतरण देती है या उत्पादकों को हस्तांतरण करती है तो इसे सरकार से हस्तांतरण कहते हैं जैसे वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, तथा आर्थिक सहायता |

vi) विदेशों से शुद्ध चालू हस्तांतरण: यह एक देश द्वारा चालू वर्ष में शेष विश्व दिए गए हस्तांतरण तथा शेष विश्व से प्राप्त हस्तांतरण का अंतर होता है |



Q.18 : आय विधि से राष्ट्रीय आय की गणना करते समय किन किन सावधान ध्यान में रखा जाना चाहिए ?

Ans : सावधानियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए:
i) हस्तांतरण आय/ भुगतान: हस्तांतरण के माध्यम से प्राप्त होने वाली आय जैसे छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन, आदि को राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इनके बदले में कोई उत्पादन नहीं होता |

ii) गैर कानूनी आय : चोरी, तस्करी, आदि गैरकानूनी क्रियाओं को भी राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाना चाहिए |

iii) शेयर तथा ऋण पत्रों की बिक्री: अंशपत्रों, ऋण पत्रों आदि कागजी दस्तावेज की बिक्री से प्राप्त आय को भी राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाना चाहिए |

iv) रद्दी वस्तुओं की बिक्री से प्राप्त आय: पुराने स्कूटर, कार कबाड़, अखबार की रद्दी जैसी वस्तुओं की बिक्री से प्राप्त आय को भी राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाना चाहिए |

v) दलाल की कमिशन: पुरानी वस्तुओं के बेचने में दलाल को प्राप्त होने वाली कमिशन को राष्ट्रीय आय में शामिल किया जाना चाहिए |

vi) मकान का किराया: खुद काबीज मकान के आरोपित करा के मूल्य को राष्ट्रीय आय में शामिल किया जाना चाहिए |

vii) पूंजीगत लाभ: स्त्री पूंजीगत वस्तुओं जैसे मकान, भूमि, दुकान , गोदाम आदि के मूल्य में होने वाली वृद्धि या उनकी बिक्री से प्राप्त आय को भी राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाना चाहिए |

viii) अचानक प्राप्त आय: लाटरी सट्टा आदि से अचानक प्राप्त होने वाली आय को की राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाना चाहिए |

Q. 19: व्यय विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना करते समय किन-किन सावधानियों को ध्यान में रखना चाहिए |

Ans: व्यय विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना करते समय निम्नलिखित सावधानियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए :

i) दोहरी गणना से बचने के लिए केवल अंतिम व्यय को ही शामिल किया जाना चाहिए | जो अंतिम वस्तु और सेवा पर खर्च किया जाता है उसे अंतिम व्यय कहते हैं |

ii) राष्ट्रीय आय की गणना करते समय मध्यवर्ती वस्तु के व्यय को शामिल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि मध्यवर्ती वस्तुओं के मूल्य को अंतिम वस्तु के मूल्य में शामिल कर लिया जाता है |

iii) पुरानी वस्तु पर किया जाने वाला व्यय कुल व्यय में शामिल नहीं किया जाता क्योंकि पुरानी वस्तु का मूल्य पहले ही उनके उत्पादन वर्ष में शामिल कर लिया जाता है |

iv) शेयरों तथा बांड पर किया जाने वाला खर्च भी कुल व्यय में शामिल नहीं किया जाता क्योंकि यह केवल कागजी दस्तावेज होते हैं | ऐसे व्यय कोई मूल्य वृद्धि नहीं करते |

v) सरकार द्वारा हस्तांतरण भुगतान जैसे वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, आदि पर किया गया व्यय भी इसमें शामिल नहीं किया जाता क्योंकि इसके बदले कोई वस्तु या सेवा प्राप्त नहीं होती |

Q 20 : प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्र को समझाते हुए इसके उपक्षेत्रों के नाम लिखो |
Ans: प्राथमिक क्षेत्र : वह क्षेत्र जिनमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है उन्हें प्राथमिक क्षेत्र कहा जाता है |
इसके उपक्षेत्र हैं—
कृषि तथा पशुपालन
मछली पालन
खनिज तथा खनन
वन उद्योग तथा लकड़ी के लट्ठे बनाना

द्वितीयक क्षेत्र : द्वितीयक क्षेत्र वह क्षेत्र हैं जिसमें उधम एक प्रकार की वस्तु को दूसरे प्रकार की वस्तु में परिवर्तित करते हैं इसमें वस्तु का रूप बदलकर उसकी उपयोगिता को बढ़ाया जाता है |
इसके उपक्षेत्र हैं —
विनिर्माण पंजीकृत
विनिर्माण गैर पंजीकृत
निर्माण कार्य
विद्युत आवेश तथा जलापूर्ति

Next Questions Answer >>>

Share this