new syllabus 12th Economics 2018 new exam pattern

12th Economics new Syllabus 2018,
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Unit–1. विनिमय – (15 अंक)
विनिमय प्रणालियां,
बाजारपरिभाषा,
वर्गीकरण एवं विस्तार
कीमत (मूल्य) का सिद्धान्त,
उत्पादन लागतकुल लागत,
औसत और सीमान्त लागत एवं सम्बन्ध।
आयकुल आय,
औसत आय,
सीमान्त आय और
उनका सम्बन्ध।
पूर्ण प्रतियोगिता तथा अपूर्ण प्रतियोगिता में कीमत निर्धारण।

Unit–2. वितरण – (15 अंक)

  1. अर्थ, वितरण का सीमान्त उत्पादकता सिद्धान्त, आधुनिक सिद्धान्त।

  2. लगानपरिभाषा, लगान के सिद्धान्त, रिकोर्ड व आधुनिक।

  3. मजदूरीअर्थ व प्रकार, सीमान्त उत्पादकता का सिद्धान्त, आधुनिक सिद्धान्त।

  4. ब्याजअर्थ, सकल व शुद्ध।

  5. लाभअर्थ, सकल व शुद्ध लाभ, लाभ की दशायें।
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Unit–3. राजस्व (10 अंक)
राजस्व का अर्थ एवं महत्व,
करप्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर। केन्द्रीय सरकार की आय के स्रोत एवं व्यय की मदें।
उत्तर प्रदेश सरकार की आय के स्रोत तथा व्यय की मदें। स्थानीय निकाय की आय व व्यय।

Unit–4. राष्ट्रीय आय– (10 अंक)
आधारभूत संकल्पना, सकल घरेलू उत्पाद, सकल राष्ट्रीय उत्पाद,
निबल घरेलू उत्पाद, निबल राष्ट्रीय उत्पाद का सामान्य परिचय,
राष्ट्रीय आय की गणना की विधियां।


Unit-5. (10 अंक)
भारतीय जनशक्ति का विकासजनसंख्याघनत्व, वितरण, वृद्धि के कारण और प्रभाव रोकने के उपायबाधायें, जनसंख्या नीति और परिवार कल्याण योजना।

 

Unit–6. (05 अंक)

भारतीय आधुनिक बैंकिंग व्यवस्थाभारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, व्यापारिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, नाबार्ड।

Unit–7. (10अंक)
ग्रामीण अर्थ व्यवस्थाविकास और प्रौद्योगिकीग्राम्य विकास में पंचवर्षीय योजनाओं की विभिन्न उपलब्ध्यिां,
ग्राम्य विकास के घटकपेयजल, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक वानिकी, ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनायें।

Unit–8. (05 अंक)
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आर्थिक विकास एवं दूर संचार व्यवस्थाआन्तरिक अनुसंधान, इण्टरनेट, पेजर, मेल तथा ईकामर्स का सामान्य परिचय तथा उनकी आर्थिक विकास में आवश्यकता एवं महत्व।

Unit–9 (10 अंक)
भारत का विदेशी व्यापारआयात एवं निर्यात की प्रवृत्तियां एवं दिशा, व्यापार संतुलन एवं भुगतान संतुलन। आयातनिर्यात नीति।


Unit–10.
सांख्यकी (10 अंक)

सामान्य परिचय, महत्व, प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़े संग्रहण की विधियां,
पूर्ण गणना और प्रतिदर्श (सैम्पुल) विधियां,
आंकड़ों की विश्वसनीयता, आंकड़ों को प्रदर्शन, दण्ड आरेख, वृत्त चित्र, बारम्बारता वक्र, संचयी बारम्बारता वक्र।

  1. केन्द्रीय प्रवृत्ति की माथसमानान्तर माध्य, माध्यका (मीडियन) तथा बहुलक (मोड)

  2. सूचकांकअर्थ, महत्व व गणना की विधियां।


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