कैंसर का इलाज और बचाव ?

यह बात गाठ बाँध ले की जब तक आपकी आंते साफ़ नहीं होंगी तब तक मुह के द्वारा खाई गयी कोई भी दवाई आपको ना तो हजम होगी ना ही कोई फायदा होगी | इसके लिए सबसे पहले सबसे पहले तुरंत अपनी दिनचर्या को बदल डाले ,  और कैसे और क्या करना है वो आगे पढ़े :-

1) रोज सुबह उठते ही एक गिलास सादा ताम्बे के बर्तन में रखा हुआ पानी ले और उसमे 3 ढक्कन गौ अर्क मिला कर पी ले | शुद्ध साफ़ गौ मूत्र सभी प्रकार के कैंसर को ख़त्म कर देता है अत: इससे घृणा नहीं करे |

2) शुद्ध हवा से अधिक से अधिक ओक्सीजन ले इसके लिए पार्क में या फिर घर की छतो पर दिन निकलने से पहले घुमे और बाद में प्राणायाम करे |

3) चाय , चीनी को फ़ौरन त्याग दे क्योंकि चीनी कैंसर वायरस को कई गुना तेजी से फैलाती है | इस चाय की जगह तुलसी की 20 -30 पत्तियों, 5 ग्राम अदरक, एक चुटकी अजवाइन एक छोटी पीपल ले कर 1 गिलास पानी में उबाल कर आधा कर ले फिर इसमें थोडा सा गुड मिला ले 4- 5 चुटकी सैंधा नमक मिला कर इसमें आधा नींबू निचोड़ लिजिय बस हो बन गई आपकी ताकतवर चाय | इस चाय को धीरे धीरेचुस्की ले कर पिए | यह चाय दिन में दो बार ले | इस संसार का ऐसा कोई रोग नहीं जो तुलसी जी से ठीक ना होता हो इसलिय अपने घरो में जितनी हो सके तुलसा जी को स्थापित करे |



4) आवला : 2 आवलो का रस एक चम्मच शहद में मिला कर दिन में 2 बार चाटे , ध्यान रखे इसको पीना नहीं इसको धीरे धीरे चाटना है | इसके आलावा आप टमाटर की जगह आवलो को भी सबजी में डाल कर खा सकते है | सप्तमी , नवमी , रविवार को आवला नहीं खाए |

5 ) उड़द, राजमा , खमीर उठा कर बनाये हुए सभी तरह के पकवान इत्यादी भोजन का त्याग कर दे | भोजन में गेहूं और चने की रोटी बना कर खाए लेकिन उसके बूर को फैके नहीं बल्की उसको आटे में मिला कर रोटी बना कर खाए |

6) बेल फल :- बेल का रस पिए , इसके पेड़ की पत्तियों को सूखा कर चूर्ण बना कर नित्य 2 बार सादे पानी से ले इससे पेट के कैंसर में लाभ होता है |

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